युवाओं की क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा

जिला समन्यवक और एमआईएस मैनेजर प्रशिक्षण केंद्रों नियमित स्थलीय निरीक्षण करेंगे

ग्राम पंचायतों के निर्धन परिवारों के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए।

आईटीआई संस्थानों में होने वाले रोजगार मेलों में कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित कर रोजगार से जोड़ा जाए

लखनऊ, 10 नवम्बर 2025 प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं कौशल विकास मिशन निदेशक पुलकित खरे के प्रभावी नेतृत्व, दूरदर्शी दृष्टिकोण एवं सतत मार्गदर्शन में इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025 हेतु सर्वाधिक पंजीकरण प्राप्त कर उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।

इस उल्लेखनीय सफलता के क्रम में सोमवार को कौशल विकास मिशन मुख्यालय में मिशन निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में मिशन स्तरीय गठित समिति की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य युवाओं के पंजीकरण उपरांत उनके प्रशिक्षण, समीक्षा एवं मार्गदर्शन को सुनिश्चित करते हुए उन्हें प्रदेश, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कराने की रणनीति को और अधिक सुदृढ़ करना था।

बैठक के दौरान मिशन निदेशक पुलकित खरे ने इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025 के सफल संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना एवं प्रभावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित प्रतिभागियों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए तथा युवाओं की क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों, विषय विशेषज्ञों एवं औद्योगिक संस्थानों के सहयोग का अधिकतम उपयोग किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला एवं मंडल स्तर पर स्किल ट्रायल्स की रूपरेखा, चयन प्रक्रिया, मूल्यांकन मानक, प्रतिभागियों को सतत मार्गदर्शन एवं प्रेरणा देने के उपाय जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता एवं गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि उत्तर प्रदेश के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकें।

बैठक में समिति सदस्यों ने कौशल प्रशिक्षण, प्रतियोगिता प्रबंधन, मूल्यांकन व्यवस्था और प्रतिभागियों के मनोबल को बनाए रखने की रणनीति पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। मिशन निदेशक ने सभी अधिकारियों से कहा कि युवाओं की निरंतर प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने डीसी (जिला समन्यवक) और एमआईएस मैनेजर के साथ वर्चुअल बैठक की और निर्देशित किया कि डीसी (जिला समन्यवक) और एमआईएस मैनेजर नियमित रूप से ट्रेनिंग पार्टनर्स के प्रशिक्षण केंद्रों का महीने में कम से कम दो बार स्थलीय निरीक्षण करें, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लक्ष्य समयबद्ध ढंग से पूरे हों। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन द्वारा दिए गए टारगेट का फिजिकल वैरिफिकेशन किया जाए तथा प्रशिक्षण केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने आगे कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के निर्धन परिवारों के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट ‘प्रवीण’ के तहत युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आईटीआई संस्थानों में प्रत्येक माह की 21 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें उपयुक्त रोजगार अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन रोजगार मेलों को कौशल और उद्योग जगत के बीच सेतु के रूप में उपयोग किया जाए।

बैठक के अंत में मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी अधिकारियों एवं समिति सदस्यों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर प्रदान करें, ताकि वे उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित कर सकें।

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