उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक कौशलों से लैस करना है।मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते से युवाओं को केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता से सशक्त बनाया जाएगा।

भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से कला-आधारित रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जबकि ओरैकल द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध होंगे।प्रयागराज एवं वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा, वहीं अयोध्या मंडल में ‘द अप्रेंटिस प्रोजेक्ट’ के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।रैना एजुकेशन फाउंडेशन सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करेगा, और मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।

यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

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