उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
निजी क्षेत्र में तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी मिली है, जिससे प्रदेश में उच्च शिक्षा का विस्तार और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने और संचालन प्राधिकार-पत्र देने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास हुआ है।
प्रायोजक संस्था ‘स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली’ द्वारा कानपुर नगर में 51.739 एकड़ भूमि पर एक कृषि आधारित विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जो कृषि शिक्षा व अनुसंधान को नई दिशा देगा।
प्रायोजक संस्था ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद’ द्वारा गाजियाबाद में 26.2656 एकड़ भूमि पर एक विश्वविद्यालय बनेगा, जो उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगा।
प्रायोजक संस्था ‘एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर’ द्वारा फतेहपुर में 20.45 एकड़ भूमि पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2017 से अब तक 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं, और निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 27 से बढ़कर 56 हो जाएगी।
इन नए विश्वविद्यालयों के खुलने से युवाओं को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
