26 नवम्बर को Lucknow: में यह एक सोच (YES) फाउंडेशन” द्वारा “शेरोज़ कैफ़े” और “अम्बेडकर पार्क” में आयोजित ‘संविधान कारवां – युवा उत्सव 2025’ को ज़बरदस्त सफलता मिली। इस अनूठे आयोजन में लखनऊ और सीतापुर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नेतृत्व, संवैधानिक मूल्यों तथा सक्रिय नागरिकता के महत्व को समझा कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत के संविधान में निहित मौलिक मूल्यों से भावनात्मक रूप से जोड़ना था। इसकी शुरुआत ‘संविधान की शुरुआत’ नामक गतिविधि से हुई, जहाँ प्रतिभागियों ने न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूलभूत सिद्धांतों को केवल सैद्धांतिक रूप से नहीं, बल्कि अनुभव के माध्यम से महसूस किया।

पूरे दिन का माहौल युवाओं की ऊर्जा से भरा रहा। युवाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल, जिनमें कला, खेल और संवाद-आधारित गतिविधियाँ शामिल थीं, आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों ने युवाओं को अपनी रचनात्मकता और विचारों को साझा करने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान किया। उत्सव के दौरान, ‘कौन बनेगा संविधान चैंपियन?’ जैसे इंटरैक्टिव सेशन ने प्रतिभागियों को संविधान के ज्ञान के प्रति प्रेरित किया। युवा कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सामाजिक और संवैधानिक विषयों पर अपनी गहरी समझ और भावनाएँ व्यक्त कीं, जिससे कार्यक्रम और भी समृद्ध हुआ।

पैनल चर्चा का विषय “किशोरों और युवाओं के साथ अभी काम करना क्यों ज़रूरी है?” बेहद प्रासंगिक था। विशेषज्ञों ने युवाओं की भूमिका, उनकी ‘एजेंसी’ (निर्णय लेने की शक्ति), और उन्हें एक सुरक्षित स्पेस प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डाला, ताकि वे देश के सक्रिय और ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।शिवंगी जी ने बताया कि PAHAL’ के युवा प्रतिनिधियों ने इस दौरान अपने प्रभावशाली सामुदायिक कार्य साझा किए। उनके कार्यों में सरकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना, स्कूल पुनः नामांकन में सहायता करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और स्थानीय सामुदायिक सुधारों में सक्रिय योगदान देना शामिल था। उनके इन प्रयासों ने दर्शाया कि युवा किस तरह ज़मीनी स्तर पर बदलाव ला रहे हैं।

शाम का समापन उत्साहपूर्ण संगीत के साथ हुआ, जिसने उत्सव के सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल को और ऊँचाई दी। ‘संविधान कारवां – युवा उत्सव 2025’ युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें देश के भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
