रबी अभियान 2025 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा की गई तैयारी की दी जानकारी

लखनऊ-16 सितंबर, 2025

प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारत रत्न श्री सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम एनएएससी कांप्लेक्स पूसा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन- रबी अभियान 2025 में भागीदारी की गई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा रबी सीजन-2025 के लिए की गई तैयारियों के विषय में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि रबी सम्मेलन ‘एक राष्ट्र – एक कृषि – एक टीम’ के विजन को साकार करने का एक सफल उदाहरण है। यह विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को गहन विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले रबी सम्मेलन एक दिवसीय होता था, लेकिन इस बार दो दिनों के लिए आयोजित किया गया जिससे कृषि क्षेत्र पर अधिक विस्तृत चर्चा की गई।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में जिन छह प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, वे थे- जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन; गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक; बागवानी; प्राकृतिक खेती; प्रभावी विस्तार सेवाएँ और कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका; और केंद्र प्रायोजित योजनाओं का समन्वय। दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाने और एकीकृत कृषि प्रणालियों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले किसानों को बीमा लाभ का समय पर और पर्याप्त वितरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी रबी फसलों के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। जिसमें वैज्ञानिकों की टीमें गाँवों का दौरा कर किसानों को समय पर जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। इन टीमों में केंद्रीय और राज्य कृषि विभागों के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों, किसान उत्पादक संगठनों और प्रगतिशील किसानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर, यह प्रयास केंद्र की ‘लैब टू लैंड’ पहल को एक बार फिर मज़बूत करेगा।

कार्यक्रम के अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई। इस दौरान विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख, कृषि सचिव भारत सरकार डॉ. देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

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