उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन एक बुजुर्ग व्यक्ति, 65 वर्षीय फूलेश्वर सिंह के रहस्यमय तरीके से लापता होने के बाद विवादों के घेरे में है। बिहार के सिनबाड़ा, बुधमा, मधेपुरा,बिहार के निवासी फूलेश्वर प्रसाद सिंह, जो अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे, स्टेशन पर अचानक कहीं ओझल हो गए। इस दर्दनाक घटना के बाद, उनकी बुजुर्ग पत्नी और परिजनों ने राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) पर खोजबीन में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके परिवार ने तुरंत उन्हें ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए, तो उन्होंने स्टेशन पर मौजूद राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) से मदद मांगी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस का शुरुआती रवैया निराशाजनक रहा। उनके अनुसार, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय कागजी औपचारिकताओं में समय गंवा दिया, जिससे फूलेश्वर सिंह को ढूंढने का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो गया।

फूलेश्वर प्रसाद सिंह की बुजुर्ग पत्नी का हाल बेहाल है। उन्होंने नम आँखों से बताया कि उनके पति बीमार हैं और अकेले भटकने पर किसी बड़ी अनहोनी का शिकार हो सकते हैं।
”हम घंटों तक स्टेशन पर खुद ही उन्हें ढूंढते रहे। पुलिस ने हमारी मदद नहीं की।परिवार यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और जीआरपी की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें स्टेशन पर इधर-उधर भटकाया गया और उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

वर्तमान में, बढ़ते दबाव के बीच जीआरपी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और स्टेशन तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में तलाश अभियान चलाने का दावा कर रही है, लेकिन परिवार पुलिस के ढुलमुल रवैये से असंतुष्ट है। फूलेश्वर प्रसाद सिंह की सकुशल वापसी के लिए उनके घरवाले और स्थानीय लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं।वीडियो में परिवार द्वारा सीसी टीवी में किसी के साथ देखा जा रहा हैं


