मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शोध उत्कृष्टता के प्रयास हुए सफल।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और विद्यार्थियों को दी गई बधाई।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की शिक्षा, शोध और नवाचार क्षमता का वैश्विक प्रमाण है।

नई शिक्षा नीति 2020, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, इंडस्ट्री–एकेडमिक लिंक और शोध प्रोत्साहन योजनाओं ने निभाई निर्णायक भूमिका।

प्रदेश के विश्वविद्यालय अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सफलता सामूहिक परिश्रम, शोधनिष्ठा और नवाचारोन्मुख दृष्टिकोण का परिणाम है।

उत्तर प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों ने प्रतिष्ठित क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में दर्ज कराई उल्लेखनीय उपस्थिति।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने हासिल किया एशिया रैंक 781–790 और दक्षिण एशिया में 244वाँ स्थान।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ तथा बाबा भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ने पाया एशिया रैंक 801–850 और दक्षिण एशिया रैंक 254।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली, तथा सीएसजेएम विश्वविद्यालय, कानपुर को एशिया रैंक 901–950 और दक्षिण एशिया रैंक 297 मिला।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को एशिया रैंक 1001–1100, दक्षिण एशिया रैंक 330 प्राप्त।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने हासिल किया एशिया रैंक 1201–1300 और दक्षिण एशिया रैंक 397।

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