भविष्य निधि सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए बेहतर समन्वय पर जोर

प्रतिष्ठान बंद होने की सूचना तत्काल भविष्य निधि कार्यालयों को दी जाए -प्रमुख सचिव

लखनऊ: 19 सितंबर 2025

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय समिति की 117वीं बैठक का आयोजन कानपुर में प्रमुख सचिव श्रम, उत्तर प्रदेश डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। बैठक में नियोक्ता एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेले, निवेश समिट एवं एक्सपो में ईपीएफओ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाये और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने हेतु नवगठित उत्तर प्रदेश सेवा निगम से बेहतर समन्वय किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि हर माह 27 तारीख को आयोजित होने वाले ‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम को सभी जिलों में जिला कलेक्ट्रेट, जिला उद्योग कार्यालय अथवा श्रम आयुक्त कार्यालय जैसे प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जाये। संविदा कर्मचारियों की भविष्य निधि अनुपालना पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने प्रधान नियोक्ता पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने राज्य सरकार के विभागों/निकायों से संबंधित भविष्य निधि देयांे एवं राज्य सरकार के अधीन प्रतिष्ठानों/निकायों के विरुद्ध लंबित न्यायालयाधीन मामलों पर उन्होंने सर्वोच्च स्तर पर विमर्श एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को उ0प्र0 मंे सफलतापूर्वक कैसे लागू किया जाए इस पर भी चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई प्रतिष्ठान बंद होता है तो उसकी सूचना तत्काल भविष्य निधि कार्यालयों को भी प्रेषित की जाए ताकि समय पर उनके भविष्य निधि देयों का निर्धारण एवं प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल भविष्य निधि एव पेंशन की सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

बैठक में यह बताया गया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 41,37,654 भविष्य निधि के सक्रिय खाते हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 21,60,155 दावों का ₹6061.92 करोड़ का भुगतान किया गया है तथा 27,887 नए प्रतिष्ठान ईपीएफओ के दायरे में शामिल हुए हैं। इनमें नोएडा से 13,811, मेरठ से 3,264 तथा लखनऊ से 3,063 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इस अवधि में 17.82 करोड़ रुपये की वर्तमान मांग एवं 60.76 करोड़ रुपये की बकाया मांग वसूल की गई है। साथ ही, धारा 7। के अंतर्गत 45 एवं धारा 14बी/7क्यू के अंतर्गत 686 विवेचनाओं का निस्तारण किया जा चुका है।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश में 6.5 लाख ईपीएस-1995 पेंशनर्स में से लगभग 1.41 लाख के जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि पेंशनर्स तक पहुंचने के लिए जिलाधिकारियों के माध्यम से राजस्व मशीनरी का उपयोग कर प्रमाण-पत्र सुनिश्चित कराये जाएं।
संगठन के राज्य प्रभारी एवं अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री उदय बक्शी ने सहारनपुर, अलीगढ़ एवं मुजफ्फरनगर में ईपीएफओ जिला कार्यालय हेतु भूमि की आवश्यकता पर चर्चा की, जिस पर प्रमुख सचिव ने सम्बंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में भारतीय मजदूर संघ, इंटक, हिन्द मजदूर सभा, भारतीय इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग एवं ईपीएफओ के 10 कार्यालयों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में श्री शाहिद इकबाल, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम, कानपुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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