मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी की अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेन्स नीति एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश के क्रम में श्री राजीव कृष्णा पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के मार्ग दर्शन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ के निर्देशन में जनपद अलीगढ की थाना टप्पल पुलिस द्वारा भू-माफियाओं के कब्जे से लगभग 33 करोड़ की भूमि को कुर्क कराया गया ।
जनपद अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र में चलाये जा रहे अभियान के तहत जमीनो की खरीद फरोख्त कर आम जन-मानस को आर्थिक व भौतिक नुकसान पहुंचाने वाले अभियुक्तगण के कब्जे से धारा 107 बीएनएसएस के तहत 15,200 वर्ग मीटर भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत 3,30,372,000( तैतीस करोड तीन लाख बहत्तर हजार) रुपये व एक गाडी हारियर XZA+ DL3CCY2929 की अनुमानित कीमत 16,00,000 (सोलह लाख )रुपये की सम्पत्ति को कुर्क कराया गया ।
घटना का विवरण –
अभियुक्त मौ0 शारिब तसनीम द्वारा अपने साझेदार मौ0 जाबिर के साथ धोखाधडी करके बिना उसके संज्ञान में लाये मुकदमा उपरोक्त में सह-अभियुक्तगण साद रहमान व मौ0 आमिर के साथ मिलकर नयी कम्पनी ई0एम0ई0एस0 कन्सट्रक्शन एल0एल0पी0 का गठन कर 21 सेन्चुरी कम्पनी से करीब 01 करोड 47 लाख 50 हजार रूपये ई0एम0ई0एस0 कन्सट्रक्शन एल0एल0पी0 कम्पनी के खाते में स्थानान्तरित करना व 21 सेन्चुरी कम्पनी के खाते से व्यक्तिगत लोगों (गजाला, खुर्शीद बट व स्वयं का व्यक्तिगत खाता) के खातों में पैसे स्थानान्तरित करना ।
थाना टप्पल क्षेत्र के ग्राम नगला मेवा नूरपुर रोड टप्पल, अलीगढ के गाटा संख्या: 1499, 1500, 1501, 1502, 1509, 1510 मे अभियुक्तगण मौ० शारिब तस्नीम व साद रहमान द्वारा जमीन का क्रय-विक्रय कर यमुना विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराये अवैध तरीके से सीधे-साधे लोगों को प्लॉट बेचकर भारी मात्रा में धन अर्जित किया गया ।
अभियुक्तगण मौ0 शारिब तसनीम व साद रहमान द्वारा छोटे-छोटे निवेशकों को बिना नक्शा पास कराये अवैध तरीके से अपनी प्लाटिंग में पैसा लगवाकर उनका पैसा हडप लेना और उनको जमीन पर कब्जा न देना ।
सम्पूर्ण घटनाक्रम का अनावरणः-
अभियुक्तगण मौ० शारिब तस्नीम व साद रहमान द्वारा जमीन का क्रय-विक्रय कर यमुना विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराये अवैध तरीके से सीधे-साधे लोगों को अवैध तरीके से प्लॉट बेचकर भारी मात्रा में धन अर्जित किया गया, जिसके सम्बन्ध में यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा अभियुक्तगण मौ० शारिब तस्नीम व साद रहमान के विरुद्ध थाना टप्पल पर मु0अ0सं0 512/2022 धारा 420/467/468/471/447/504 भादवि, 3/5 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधि० व 66डी सूचना प्रोद्यौगिकी अधि० पंजीकृत कराया गया था अभियुक्त मौ० शारिब तस्नीम के द्वारा गांव मेवा नगला नूरपुर रोड के गाटा संख्या 1505 की ग्राम की भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की गयी, जिसके संबंध में राजस्व विभाग खैर जिला अलीगढ के द्वारा अभियुक्त मौ० शारिब तस्नीम के विरुद्ध थाना टप्पल पर मु0अ0सं0 498/2022 घारा 420/467/468/471/447 भादवि व 3/5 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम पंजीकृत कराया गया
अभियुक्त साद रहमान द्वारा अपने खाते मे आय का ब्यौरा वर्ष 2021-2022 में 479160 रूपये, वर्ष 2022-2023 में 421090 रूपये, वर्ष 2023-2024 में 461696 रूपये, वर्ष 2024-2025 में 659332 रूपये है। उपरोक्त सभी वर्षों का कुल व्यौरा 20,21,278 रूपये है। अभियुक्त मौ० शारिब तस्नीम द्वारा अपने खाते मे आय का ब्यौरा वर्ष 2020-2021 मे 495350 रूपये, वर्ष 2021-2022 में 501300 रूपये, वर्ष 2022-2023 में 680560 रूपये, वर्ष 2023-2024 में 629510 रूपये है । उपरोक्त सभी वर्षों का कुल ब्यौरा 23,06,720 रूपये है। अभियुक्तगण साद रहमान एवं शारिब तस्नीम द्वारा मुकदमा वादी व उसके परिचित लोगों के साथ धोखाधडी करके उनसे 21 सेन्चुरी कम्पनी में रूपये लगवाकर ग्राम मेवा नगला में यमुना विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराये अवैध रूप से प्लाटिंग कर अवैध रूप से धन अर्जित कर काफी सम्पत्ति अर्जित की है।
अभियुक्त मौ० साद रहमान द्वारा गाटा संख्या: 1499, 1500, 1501, 1502 में 0.230 हेक्टेयर भूमि, गाटा संख्याः 1509 में 0.230 हेक्टेयर भूमि एवं गाटा संख्या: 1510 में 0.53 हेक्टेयर भूमि क्रय की गयी जिसकी कुल अनुमानित बाजारु कीमतः 21,51,72,000/- रुपये (इक्कीस करोड इक्यावन लाख बहत्तर लाख रुपये) है। अभियुक्त मौ० शारिब तस्नीम द्वारा गाटा संख्याः 1509 में क्रय की गयी भूमि 0.530 हेक्टेयर की कुल अनुमानित कीमत सर्किल रेट के अनुसार 81,76,000/- रुपये (इक्यासी लाख छ्यत्तर हजार रुपये) एवं बाजारु कीमत 11,52,00,000/-रुपये (ग्यारह करोड बावन लाख रुपये) है।
अभियुक्तगण के कब्जे से धारा107 बीएनएसएस के तहत 15,200 वर्ग मीटर भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत 3,30,372,000( तैतीस करोड तीन लाख बहत्तर हजार) रुपये व एक गाडी हारियर XZA+ DL3CCY2929 की अनुमानित कीमत 16,00,000 (सोलह लाख )रुपये की सम्पत्ति को कुर्क कराया गया ।
घटना का प्रकार -
यमुना एक्सप्रेस वे-औधोगिक विकास प्राधीकरण के साथ फ्रॉडः- अभियुक्तगण साद रहमान एवं शारिब तस्नीम द्वारा मुकदमा वादी व उसके परिचित लोगों के साथ धोखाधडी करके उनसे 21 सेन्चुरी कम्पनी में रूपये लगवाकर ग्राम मेवा नगला में यमुना विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराये अवैध रूप से प्लाटिंग कर अवैध रूप से धन अर्जित कर काफी सम्पत्ति अर्जित की है।
राजस्व विभाग के साथ फ्रॉडः-अभियुक्तगण साद रहमान एवं शारिब तस्नीम द्वारा यमुना विकास प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराये अवैध तरीके से सीधे-साधे लोगों को अवैध तरीके से प्लॉट बेचकर भारी मात्रा में धन अर्जित किया गया तथा ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की गयी, जिससे अवैध रूप से धन अर्जित कर काफी सम्पत्ति अर्जित की है।
निवेशकों के साथ फ्रॉड :- अभियुक्तगण साद रहमान एवं शारिब तसनीम द्वारा मुकदमा वादी व उसके परिचित लोगों उसमान सिद्दकी, मौहम्मद कासिंम, तनवीर त्यागी, खुशनुमा परवीन, शबनम, अब्दुल वसीद, तबरेज अन्सारी, वसीम अकरम, खालिद, मौहसीन असवी, जमीला बेगम, अतीकुर रहमान व ताहिर आदि के साथ धोखाधडी करके दोगुना रुपया वापस करने का लालच देकर उनसे काफी मात्रा मे 21 सेन्चुरी के खाते में धन निवेश कराना और उससे भूमि खरीद कर भूमि पर प्लाटिंग की गयी, जिससे अवैध रूप से धन अर्जित कर काफी सम्पत्ति अर्जित की है ।
अभियुक्तगण का नाम व पता –
- मोहम्मद शारिब तसनीम पुत्र श्री शिराजुल हसन निवासी डी-6 अबुल फज़ल एन्कलेव पार्ट-1, हिंद गुरु विल्डिंग, नई दिल्ली
- साद रहमान पुत्र शकील उर रहमान निवासी 227/176 गफ्फार मंजिल गली न0 07 नई दिल्ली
आपराधिक इतिहासः-
अभियुक्त साद रहमान - मु0अ0सं0-512/22, धारा-188/420/447/504 भादवि व 66 डी आईटी एक्ट व 3/5 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, थाना टप्पल, जनपद अलीगढ़
2.मु0अ0सं0-585/2024,धारा-352/406/420/506 भादवि ( विवेचना प्रचलित ),थाना टप्पल जनपद अलीगढ़
अभियुक्त मो0 शारिब तसनीम
1.मु0अ0सं0 512/2022 धारा 420/467/468/471/447/504 भादवि, 3/5 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधि० व 66डी सूचना प्रोद्यौगिकी अधि० थाना टप्पल जनपद अलीगढ
2.मु0अ0सं0 498/2022 धारा 420/467/468/471/447 भादवि व 3/5 सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधि० थाना टप्पल जनपद अलीगढ
3.मु0अ0सं0 09/2024 धारा 506 भादवि थाना टप्पल जनपद अलीगढ
4.मु0अ0सं0 585/2024 धारा 420,406,352,506 भादवि थाना टप्पल जनपद अलीगढ
जब्तीकरण/कुर्क की गयी सम्पत्ति का विवरणः- - गांव मेवा नगला नूरपुर रोड टप्पल के गाटा संख्या 1499, 1500, 1501, 1502, 1509, 1510 में 15,200 वर्ग मीटर भूमि ।
- अनुमानित कीमत 3,30,372,000( तैतीस करोड तीन लाख बहत्तर हजार) रुपये ।
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 की तरफ से अलीगढ़ पुलिस की टीम को पचास हजार रूपये नगद पुरस्कार व प्रशस्त्रि पत्र देने की घोषणा की गयी है।
धारा 107 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) का परिचय
(1) अपराध के अंवेषण के दौरान जहां जांच करने वाले पुलिस अधिकारी के पास यह विश्वास करने का कारण है कि कोई संपत्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी आपराधिक गतिविधि या किसी अपराध के परिणामस्वरूप प्राप्त हुई है, वहां वह पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त के अनुमोदन से, अपराध का संज्ञान लेने या मामले को विचारण के लिए सौंपने या विचारण करने के लिए अधिकारिता का प्रयोग करने वाले न्यायालय या मजिस्ट्रेट को ऐसी संपत्ति की कुर्की के लिए धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत आवेदन कर सकता है।
(2)यदि न्यायालय या मजिस्ट्रेट के पास, साक्ष्य लेने से पूर्व या पश्चात्, यह विश्वास करने के कारण हों कि ऐसी सभी या कोई संपत्ति अपराध की आय है, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्ति को नोटिस जारी कर सकेगा जिसमें उससे चौदह दिन की अवधि के भीतर कारण बताने को कहा जाएगा कि कुर्की का आदेश क्यों न दिया जाए।
(3)जहां उपधारा (2) के अधीन किसी व्यक्ति को जारी किया गया नोटिस किसी संपत्ति को ऐसे व्यक्ति की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धारित के रूप में निर्दिष्ट करता है, वहां नोटिस की एक प्रति ऐसे अन्य व्यक्ति को भी तामील की जाएगी।
(4)न्यायालय या मजिस्ट्रेट, उपधारा (2) के अधीन जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के स्पष्टीकरण, यदि कोई हो, और ऐसे न्यायालय या मजिस्ट्रेट के समक्ष उपलब्ध तात्विक तथ्य पर विचार करने के पश्चात् तथा ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों को सुनवाई का उचित अवसर देने के पश्चात्, उन संपत्तियों के संबंध में, जो अपराध की आय पाई जाती हैं, कुर्की का आदेश पारित कर सकेगा:परन्तु यदि ऐसा व्यक्ति कारण बताओ नोटिस में निर्दिष्ट चौदह दिन की अवधि के भीतर न्यायालय या मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित नहीं होता है या न्यायालय या मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना मामला प्रस्तुत नहीं करता है, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट एकपक्षीय आदेश पारित करने के लिए आगे बढ़ सकता है।
(5)उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी, यदि न्यायालय या मजिस्ट्रेट की यह राय है कि उक्त उपधारा के अधीन नोटिस जारी करने से कुर्की या जब्ती का उद्देश्य विफल हो जाएगा, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट एकपक्षीय अंतरिम आदेश पारित करके ऐसी संपत्ति की कुर्की या जब्ती का निर्देश दे सकेगा और ऐसा आदेश उपधारा (6) के अधीन आदेश पारित होने तक प्रवृत्त रहेगा।
(6)यदि न्यायालय या मजिस्ट्रेट को यह पता चले कि कुर्क या जब्त की गई संपत्ति अपराध की आय है, तो न्यायालय या मजिस्ट्रेट आदेश द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश देगा कि वह अपराध की ऐसी आय को ऐसे अपराध से प्रभावित व्यक्तियों में आनुपातिक रूप से वितरित करे।
(7)उपधारा (6) के अधीन पारित आदेश की प्राप्ति पर, जिला मजिस्ट्रेट, साठ दिन की अवधि के भीतर अपराध की आय को या तो स्वयं वितरित करेगा या अपने अधीनस्थ किसी अधिकारी को ऐसा वितरण करने के लिए प्राधिकृत करेगा।
(8)यदि ऐसी आय प्राप्त करने के लिए कोई दावेदार नहीं है या कोई दावेदार निश्चित नहीं है या दावेदारों को संतुष्ट करने के बाद कोई अधिशेष है, तो अपराध की ऐसी आय सरकार के पास जब्त हो जाएगी।
