राइस मिलर्स संगठनों के प्रतिनिधियों ने खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री से की भेंट; धान क्रय नीति, प्रोत्साहन राशि, होल्डिंग चार्ज एवं लंबित भुगतान सहित विभिन्न विषयों पर दिए सुझाव
लखनऊ, 03 सितम्बर 2026।
प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री मनोज पाण्डेय से आज प्रदेश के विभिन्न राइस मिलर्स संगठनों के प्रतिनिधियों ने भेंट कर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 से संबंधित समस्याओं तथा आगामी धान क्रय नीति के संबंध में अपने सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं।
प्रतिनिधियों ने चावल उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों, सीएमआर सम्प्रदान, प्रोत्साहन राशि, होल्डिंग चार्ज, परिवहन व्यय तथा विभिन्न क्रय एजेंसियों के स्तर पर लंबित भुगतानों से मंत्री को अवगत कराया।
खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री मनोज पाण्डेय ने प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कहा कि किसानों का हित प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य समय से मिले तथा धान खरीद से लेकर चावल सम्प्रदान तक की पूरी व्यवस्था पारदर्शी, सुगम और व्यावहारिक हो, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

प्रतिनिधियों ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष में प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन किए जाने का सुझाव दिया। साथ ही बिजली दरों, श्रम व्यय एवं अन्य उत्पादन लागत में हुई वृद्धि को देखते हुए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि ₹100 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी।
प्रतिनिधियों ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की उपलब्धता, सीएमआर सम्प्रदान के लिए गोदामों में स्थान की कमी तथा अन्य व्यावहारिक कारणों से हुई देरी का उल्लेख करते हुए इससे संबंधित प्रोत्साहन राशि एवं अन्य देयों के भुगतान की समस्या के समाधान का अनुरोध किया।
संगठनों ने पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस सहित विभिन्न क्रय एजेंसियों के स्तर पर लंबित भुगतान, सीएमआर कार्य से संबंधित देयकों, गन्नी यूजेज चार्ज, सुखन एवं परिवहन व्यय के शीघ्र भुगतान की मांग भी रखी।
प्रतिनिधियों ने राइस मिलर्स को क्रय एजेंसियों की भांति धान खरीद प्रक्रिया में सहभागी बनाने, परिवहन संबंधी व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने तथा धान क्रय नीति तैयार करते समय राइस मिलर्स संगठनों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किए जाने का भी सुझाव दिया।

खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री मनोज पाण्डेय ने कहा कि राइस मिलर्स धान खरीद एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसानों, राइस मिलर्स और क्रय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। संगठनों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं एवं सुझावों का विभागीय स्तर पर परीक्षण कराते हुए नियमानुसार उचित एवं व्यावहारिक निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री श्री पाण्डेय ने संबंधित अधिकारियों को राइस मिलर्स के नियमानुसार देय लंबित भुगतानों की स्थिति का परीक्षण कर उनके शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी धान खरीद में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा राइस मिलर्स को भी अनावश्यक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (खाद्य एवं रसद) श्री कामता प्रसाद, अपर आयुक्त श्री सत्यदेव, विशेष सचिव श्री अतुल सिंह, आरएफसी मुख्यालय श्री अशोक कुमार पाल सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

