लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लगने से 14 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद न सिर्फ लखनऊ, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की भयावहता को देखकर हर आँख नम है और पूरे प्रदेश में मातम पसरा हुआ है।
चश्मदीदों के मुताबिक, अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में चल रहे कोचिंग सेंटर में दोपहर के वक्त अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

दम घुटने से बढ़ी त्रासदी: इमारत में वेंटिलेशन (हवा की निकासी) की उचित व्यवस्था न होने के कारण धुआं तेजी से फैल गया। भागने का रास्ता बंद: कोचिंग सेंटर का निकास द्वार छोटा होने की वजह से छात्र समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। दमकल की मशक्कत: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 14 मासूम जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी थीं। कई अन्य छात्र झुलस गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM) ब्रजेश पाठक तुरंत स्थिति का जायजा लेने और पीड़ितों से मिलने पहुंचे। अस्पताल में घायल छात्रों और मृतक बच्चों के परिजनों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री अपने आंसू नहीं रोक पाए और बेहद भावुक हो गए।

यह घटना अत्यंत हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके इस असहनीय दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पूरी सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
इस भयानक हादसे ने एक बार फिर कमर्शियल इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी मानकों की पोल खोल कर रख दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर आम जनता तक, हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।

