लखनऊ विश्वविद्यालय में ’सेवा पखवाड़ा अभियान’ के तहत नशा विरोधी संगोष्ठी का आयोजनविकसित भारत के विज़न को मूर्तरूप देने हेतु सभी को विशेषकर युवाओं को पूर्ण मनोयोग से योगदान देने की आवश्यकता-श्री नितिन अग्रवालइस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद सभी युवाओं को नशा विरोधी शपथ दिलायी गईदेश के प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रारम्भ हुए ’सेवा पखवाड़ा अभियान’ तथा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मद्यनिषेध विभाग द्वारा युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किये जाने हेतु आज लखनऊ विश्वविद्यालय के ए०पी० सेन सभागार में नशा विरोधी जनजागरूकता कार्यक्रम/संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर श्री अग्रवाल ने सभागार में उपस्थित छात्र/छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मा० प्रधानमंत्री जी का विजन-2047 युवाओं पर केन्द्रित है। इसलिए विकसित भारत के विज़न को मूर्तरूप देने हेतु सभी को विशेषकर युवाओं को पूर्ण मनोयोग से योगदान देने की आवश्यकता है। इसके लिये युवाओं का नशा मुक्त होना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा इस देश का भविष्य हैं, उनको यह तय करना है वह किस भारत में रहना चाहते हैं। आने वाले समय में आप कही जायें और कहें हम भारत से आये है, तो लोग सर झुकाकर बात करें।

इसके लिए युवाओं को आगे आना पड़ेगा। सभी को अपने घर, परिवार, आस-पड़ोस से लोगों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करना है, तभी हम अपने देश को आगे बढ़ा पायेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की सभी यूनीवर्सिटी में जाकर नशा मुक्ति के लिए युवाओं से संवाद करेंगे। आज इसकी पहल लखनऊ यूनिवर्सिटी से हुई है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री बृजेश शुक्ला, उपाध्यक्ष, उ०प्र० राज्य मद्यनिषेध परिषद द्वारा नशे की बुराइयों पर अपने विचार व्यक्त किये गये एवं श्री एल० वेंकटेश्वर लू, अपर मुख्य सचिव द्वारा मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं उनके सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसके बचाव के तरीकों पर व्यापक रूप से प्रकाश डालते हुए अवगत कराया गया कि मद्य एवं मादक द्रव्यों का सेवन न केवल तामसिक प्रवृत्तियों को पोषित करता है, अपितु मनुष्य को प्रमाद और अधोगति की ओर भी अग्रसर करता है।

कुलपति प्रो० मनुका खन्ना द्वारा मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जनसामान्य को अवगत कराते हुए इनके सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति को समाज के लिए चिन्ता का विषय बताया। प्रो० वी०के० शर्मा, छात्र कल्याण, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा नशे से होने वाली हानियों के बारे में अवगत कराते हुए नशा न करने की प्रेरणा दी गयी। राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से परिवार, समाज व राष्ट्र को हो रही क्षति के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र/छात्राओं के मध्य दिनांक 17 सितम्बर को पोस्टर /वाद-विवाद (डिबेट) / निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित करायी गयी, जिसमें लगभग 200 छात्र/छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को आज पुरस्कृत किया गया। साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सशक्त भारत का निर्माण किये जाने हेतु सभागार में उपस्थित सभी लोगों को नशा विरोधी शपथ दिलायी गयी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed