रिटायर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 33 लाख रुपये ठगने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तारमुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर को डिजीटल अरेस्ट कर 33.33 लाख रुपये ठगने वाले दो साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग का सरगना अभी फरार है। साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 15 मोबाइल, 39 सिमकार्ड, पास बुक व साढे 99 हजार रुपए बरामद किए है। गैंग के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी ईडी, सीबीआई, आईपीएस व न्यायिक अधिकारियों के नामों का दुरुपयोग कर लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने गत छह सितम्बर को लोक निर्माण विभाग से रिटायर्ड इंजीनियर आरके सिंह को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 33.33 लाख रुपये ठग लिए थे।साइबर ठगों ने पहले ईडी का अधिकारी बनकर खाते के लेनदेन के नाम पर डराया। उसके बाद ईडी व सीबीआई को डराया था। उसके बाद आईपीएस व न्यायिक अधिकारी बनकर कॉल किया। दहशत में रिटायर्ड इंजीनियर ने साइबर ठगों से रकम ट्रांसफर कर दी। एसपी क्राइम इन्दू सिद्वार्थ के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुल्तान सिंह ने अपनी टीम के साथ गैग पर काम करते हुए साइबर ठग निखिल गोयल पुत्र नरेश गोयल निवासी आनन्द विहार, गंगानगर थाना ऋषिकेश कोतवाली, जनपद देहरादून व हरप्रीत सिंह उर्फ हर्ष निवासी पावर हाऊस चौक डोकरी घाटपारा थाना जद्दलपुर जनपद बस्तर छत्तीसगढ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने 39 सिमकार्ड, 21 एटीएम कार्ड,15 बैंक पासबुक ,13 मोबाईल ,3 चैकबुक, एक स्कूटी व साढे 99 हजार रुपए बरामद किए है। गिरोह का सरगना राजू निवासी भिलाई छत्तीसगढ हाल पता ऋषिकेश अभी फरार है, जिसके तार कई राज्यों के साथ कंबोड़िया तक जुड़े हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

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