रामपुर।रामपुर। सिर्फ 2.52 मिनट में मारपीट, गुत्थमगुत्थी, धांय-धांय और सब कुछ खत्म। जिला पंचायत में अधिवक्ता की हत्या का वीडियो प्रसारित हो गया है। दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी से लेकर हत्या की वारदात महज तीन मिनट के अंदर निपट गई। हत्यारोपित का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है।
जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार दोपहर लगभग एक बजे सिविल लाइंस स्थित जिला पंचायत कार्यालय में स्थापना लिपिक असगर अली के कक्ष में महिला सहकर्मी गोसिया के अधिवक्ता पति फारुख अहमद खान से विवाद हो गया था। इसके बाद असगर ने लाइसेंसी पिस्टल से अधिवक्ता को गोली मार दी थी। जिससे उनकी मौत हो गई थी। एक गोली हत्यारोपित असगर के भी पेट में लगी थी।

इस प्रकरण को लेकर गुरुवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल व प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। वहीं घटना के समय हत्यारोपित लिपिक के कक्ष में लगे सीसी कैमरे का वीडियो फुटेज भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। 2.52 मिनट के इस वीडियो में अधिवक्ता फारुख अपने साथी अधिवक्ता के साथ लिपिक असगर के कक्ष में प्रवेश करते हैं।उनको देखकर असगर कुर्सी से खड़ा हो जाता है। दोनों के बीच गर्मा-गर्मी शुरू होती है। इस दौरान अधिवक्ता फारुख उसे तीन थप्पड़ मारते हैं। तभी अधिवक्ता की पत्नी गोसिया व जिला पंचायत कार्यालय में तैनात लिपिक महबूब भी कक्ष में आ जाते हैं। लिपिक महबूब बीच-बचाव करते हुए अधिवक्ता फारुख को बाहर निकालते हैं।

इसी दौरान हत्यारोपित लिपिक असगर अपनी कमर से पिस्टल निकालकर अनलाक कर लेता है। दोनों के बीच फिर कुछ कहासुनी होती है और अधिवक्ता फारुख अपने साथी के साथ दोबारा कक्ष में लौटते हैं। ये देखकर हत्यारोपित अपना पिस्टल पैंट की पिछली जेब में रखकर अधिवक्ता को कक्ष के बाहर धकेलता है। वहीं अधिवक्ता फारुख उससे पिस्टल लेने का प्रयास करते हैं।
दोनों के बीच गुत्थमगुत्थी में हत्यारोपित असगर कुर्सी पर गिर जाता है और एक हाथ से फिर पिस्टल निकाल लेता है। इसी दौरान एक फायर होता है जिसकी गोली असगर के ही पेट को पार कर जाती है जबकि, दो गोलियां अधिवक्ता फारुख के सीने पर लगती हैं। जिससे वह वहीं कुर्सी की टेक लेकर निढाल हो जाते हैं। इसके बाद हत्यारोपित असगर पिस्टल लहराता हुआ फरार हो जाता है।
