लखनऊ, अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के आत्मनिर्भर ग्राम और स्वच्छ व समृद्ध पंचायत के विज़न को साकार करते हुए ग्राम पंचायत भरतपुर,अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) ने एक अनूठी पहल की है। यहां नवंबर 2024 से संचालित जैव उर्वरक संयंत्र (Biofertilizer Plant) अब राज्य का मॉडल प्लांट बन गया है।इस संयंत्र से ग्राम पंचायत को अब तक ₹1.50 लाख की आय हुई है, जिससे पंचायत की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और स्थानीय विकास कार्यों को नई दिशा मिली है। पंचायती राज मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर जी एवं विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस परियोजना में, पंचायत क्षेत्र से एकत्रित कचरे और पारंपरिक खाद्य अवशेषों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल जैविक खाद तैयार की जा रही है। यह न केवल स्वच्छता और हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी लगभग 30 महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है और “महिला सशक्तिकरण के माध्यम से ग्राम विकास” के मॉडल को वास्तविकता में बदला है।

ग्राम प्रधान श्रीमती नीलम चौहान की सक्रिय भूमिका, दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से यह परियोजना सफलतापूर्वक धरातल पर उतरी। पंचायती राज विभाग की तकनीकी सहायता और निगरानी से यह संयंत्र सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी और पंचायती राज मंत्री द्वारा समय-समय पर ग्रामीण नवाचारों को प्रोत्साहन देने की नीति के तहत, भरतपुर पंचायत का यह मॉडल अब राज्यभर की अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।


