एक बच्चा मर गया तो सब आ गए, हज़ार जिंदा हैं जाके लड्डू खाइए- सीएमओ।एक निजी अस्पताल में दो नवजात बच्चों की हुई थी मौत।नवजात की मौत पर सीएमओ की असंवेदनशील टिप्पणी।सीएमओ का अमानवीय चेहरा उजागर, आम जनमानस में आक्रोशसीएमओ की निरंकुश कार्यशैली काफी चर्चा में, विभाग की छवि हो रही धूमिल।जिम्मेदारों की मिलीभगत से जिले में चल रहे सैकड़ों अवैध, फर्जी अस्पताल।घटना होने पर जाँच के नाम पर लीपापोती कर मामले को हजम कर जाते हैं जिम्मेदार अधिकारी।।आम जनमानस व बुद्धिजीवियों के बोल – सीएमओ को शर्म आनी यह बात बोलते हुए,यदि वह बच्चा इनका पोता, पोती या नाती नातिन हो तब क्या ऐसे ही बोलती, जिसका बच्चा होगा उससे पूंछो….योगी सरकार का निरंकुश सीएमओ में नहीं दिख रहा कोई भय, मनमानी चरम पर।सीएमओ के भ्रष्टाचार व तानाशाही को लेकर शासन प्रशासन पर उठ रहे गंभीर सवाल।आखिर ऐसी भ्रष्ट व निरंकुश सीएमओ पर क्यों नहीं हो रही कोई कार्रवाई।

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